सीतापुर, दिसम्बर 27 -- सिधौली, संवाददाता। कसमंडा सीएचसी पर मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। यहां मरीजों को सिर्फ प्राथमिक उपचार ही मिल पा रहा है। यहां बच्चों और हड्डी के डॉक्टर भी नहीं हैं। सीएचसी पर थोड़ा भी गंभीर मरीज आ जाएं तो डॉक्टर प्राथमिक उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर देते हैं। यहां एक्सरे तो होता है पर फिल्म नहीं मिलती है। इतना ही नहीं यहां अधिकांश शौचालय में ताला लटका हुआ है। यह सच्चाई हिन्दुस्तान अखबार की पड़ताल में सामने आई है। कसमंडा सीएचसी में 30 बेड पर मरीजों की भर्ती होती है। यहां रोज करीब 300 मरीज ओपीडी में आते हैं। सीएचसी पर बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ व हड्डी के डॉक्टर भी नहीं हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती न होने से यहां गंभीर व एक्सीडेंटल मरीज आने पर मरीजों का प्राथमिम उपचार कर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर द...
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