जमशेदपुर, सितम्बर 23 -- सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक समस्याओं को लेकर अब अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा। स्कूलों में बच्चों के साथ-साथ माता-पिता की भी काउंसिलिंग होगी। इसमें अभिभावकों को बच्चों में डिप्रेशन, तनाव और नशे की ओर बढ़ने के शुरुआती संकेत पहचानने की जानकारी दी जाएगी। साथ ही बच्चों के व्यवहार में अचानक होने वाले बदलाव को गंभीरता से लेने की सलाह दी जाएगी। काउंसिलिंग के दौरान अभिभावकों को बताया जाएगा कि यदि बच्चा अचानक स्कूल जाने से डरने लगे, पढ़ाई या दोस्तों से दूरी बनाने लगे, पसंदीदा गतिविधियों में रुचि कम हो जाए या उसके व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखे तो इसे महज जिद या अनुशासनहीनता न समझें। ऐसे बदलावों के पीछे भावनात्मक या मानसिक परेशानी हो सकती है। सीबीएसई ने संशोधित पैरेंटिंग कैलेंड...