नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- नेपाल में बाढ़ का पानी भले ही उतर गया हो, लेकिन तबाही का खौफ अभी लोगों के दिलों से नहीं उतरा है। राहत केंद्र में रह रहे दो बच्चे रात में डरकर नींद से जाग जाते हैं और रोते हुए कहते हैं कि फिर बाढ़ आई है। कई वयस्क डर और बेचैनी से जूझ रहे हैं, जबकि उफनती नदियों और बाढ़ के पानी के बीच अपनों से बिछड़े परिवार अपने प्रियजनों की बेसब्री से तलाश कर रहे हैं। विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल में तबाही के साथ-साथ ऐसा गहरा मानसिक आघात भी छोड़ा है, जिसकी भयावह तस्वीर अब धीरे-धीरे सामने आने लगी है। पिछले एक दशक में आई इस सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहे नेपाल में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अब उस त्रासदी के शुरुआती संकेत देख रहे हैं, जो आसपास हुई भौतिक तबाही की तुलना में कम दिखाई देती है। यह भी पढ़ें- नेपाल में एक ही घर से मिले 23 शव! मां और बेटी ...