नई दिल्ली, मार्च 14 -- बच्चों को स्कूल भेजने से पहले प्री स्कूल या प्ले स्कूल में भेजना काफी कॉमन हो गया है। बड़े शहरों में तो एकल फैमिली या अकेले रहने वाले पैरेंट्स अपने बच्चों को दो से ढाई साल की उम्र में प्री स्कूल में डाल देते हैं क्योंकि ज्यादातर पैरेंट्स वर्किंग होते हैं और उनके पास बच्चे को दिनभर संभालने का वक्त नहीं मिलता। लेकिन वो घर जहां पर बच्चे के ग्रैंड पैरेंट्स साथ होते हैं या फिर छोटे शहरों में जहां महिलाएं वर्किंग नहीं होती अक्सर वो बच्चों के प्ले या प्री स्कूल को स्किप कर देते हैं। उन्हें लगता है कि इतने छोटे बच्चे को घर से बाहर केवल 3 घंटे खेलने के लिए भेजना ठीक नहीं या फिर कई बार उन्हें ये फिजूलखर्ची भी लगती है। अगर किसी भी पैरेंट्स के मन में इस तरह के सवाल आते हैं तो उसका जवाब इस प्री स्कूल की टीचर से जरूर जान लें। तब ...