बच्चों को धर्म और आध्यात्मिक का ज्ञान दिया जाना चाहिए
इटावा औरैया, जून 5 -- इटावा। यमुना के किनारे बीहड़ के रामगढ़ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद प्रसंग का बखान किया गया। कथा व्यास पंडित इन्द्रेश शास्त्री महाराज ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम का मंत्र सुना था। जिसके सुनने मात्र से भक्त प्रह्लाद के कई कष्ट दूर हो गए थे। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है, वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म व आध्यात्म का ज्ञान दिया जाना चाहिए। यह भी पढ़ें- ध्रुव को पांच वर्ष की आयु में भगवान के दर्शन प्राप्त हुआ माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है। अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव जी को पांच वर्ष की आयु में भगवान के...
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