मुजफ्फरपुर, मई 15 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। केंद्रीयकृत रसोई से लेकर स्कूलों में बनने वाले भोजन को बच्चों को खिलाने से पहले चखा नहीं जा रहा है। मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में यह सामने आया है। इसके बाद मध्याह्न भोजन योजना निदेशक विनायक मिश्र ने सभी जिले के डीपीओ से जवाब मांगा है।

रजिस्टर में भोजन चखने वाले शिक्षक का रहेगा नाम निदेशक मिश्र ने सभी जिलों से कहा है कि भोजन किसने चखा, इसे हर दिन रजिस्टर पर दर्ज किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में दो तरह से मध्याह्न भोजन योजना चलाई जा रही है। कुछ स्कूल ऐसे हैं, जहां भोजन बन रहा है, जबकि कुछ में केन्द्रीयकृत रसोईघर से बनवा कर भेजा जा रहा है। केन्द्रीयकृत रसोई एनजीओ के माध्यम से चलाई जा रही है। निदेशक ने कहा है कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की दर में कमी लाना है, ताकि बच्च...