बच्चों को इन 5 मौकों पर 'झूठ' बोलना जरूर सिखाएं, अनजान लोगों से सुरक्षा के लिए है जरूरी!
नई दिल्ली, जून 12 -- बचपन से बच्चों को सच बोलने की सीख दी जाती है, और यह बिल्कुल सही भी है। लेकिन कुछ परिस्थितियां ऐसी होती हैं जहां सच बोलना समझदारी नहीं माना जाता। खासकर जब बात बच्चे की सुरक्षा की हो, तब कुछ छोटे-छोटे झूठ उसे किसी बड़ी परेशानी से बचा सकते हैं। ये झूठ किसी को धोखा देने के लिए नहीं, बल्कि बच्चे को सुरक्षित रखने के लिए सिखाए जाते हैं। इसलिए हर माता-पिता को अपने बच्चों को ऐसे कुछ जरूरी सुरक्षा वाले झूठ जरूर सिखाने चाहिए, जो जरूरत पड़ने पर उनकी रक्षा की ढाल बन सकें। आइए जानते हैं वो क्या हैं-जब कोई पूछे कि मम्मी-पापा घर पर हैं या नहीं बच्चों को हमेशा यह सिखाएं कि अगर घर का दरवाजा कोई अनजान व्यक्ति खटखटाए और पूछे कि मम्मी-पापा घर पर हैं या नहीं, तो वे कभी यह ना कहें कि वे घर पर अकेले हैं। बच्चे को जवाब देना चाहिए कि हां, मम्म...
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