अयोध्या, मार्च 19 -- अयोध्या, वरिष्ठ संवाददाता। आध्यात्मिक गुरु माता अमृतामई ने श्री राम यंत्र कार्यक्रम में बच्चों के बढ़ते इंटरनेट उपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजकल के बच्चे अपना अधिकतर समय बाहरी इंटरनेट की दुनिया में बिताते हैं, जिससे उनका ध्यान आंतरिक विकास से भटक रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कार ही वह माध्यम है जो बच्चों को 'इनर नेट' यानी उनकी आंतरिक चेतना से जोड़ता है। जहां इंटरनेट बाहरी जानकारी देता है, वहीं इनर नेट आत्मज्ञान, शांति और सही दिशा प्रदान करता है। माता अमृतामई ने श्री राम यंत्र को आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल धार्मिक उपकरण नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति का मार्ग है। इसके माध्यम से व्यक्ति बाहरी आकर्षणों से हटकर अपनी भीतरी शक्ति को पहचान सकता है।उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को केवल...
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