आरा, मई 22 -- आरा। शहर के मझौवा स्थित जय काली मैया के सौजन्य से चल रही भागवत गीता कथा का तीसरा दिन शुक्रवार को भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिला-पुरुषों ने भाग लेकर भागवत कथा का श्रवण किया। यह भी पढ़ें- बच्चों के अच्छे चरित्र के लिए भागवत का ज्ञान जरूरी : स्वामी अरुण शास्त्रीकार्यक्रम का महत्व व्यास पीठ से आये अरुण शास्त्री जी महाराज ने बताया कि आज के समय बच्चों को अच्छा चरित्र देना है और संस्कारी बनाना है तो भागवत कथा ही एक मार्ग है। भागवत कथा सप्तदिवसीय ही क्यों होती है? इस बारे में उन्होंने कहा कि प्रथम बार राजा परीक्षित ने सुखदेव जी के मुखारविंद से श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण किया था। हमारे यहां सप्ताह में सात ही दिन होते हैं। सोमवार से लेकर रविवार तक। इसी कारण कलयुग में श्रीमद्भागवत कथा सात ...