प्रयागराज, जून 8 -- प्रयागराज, संवाददाता। गीतों की मधुर स्वर लहरियां, तबले की थाप और शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक मुद्राओं के साथ डांडिया-गरबा आदि की प्रस्तुति से उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) की शाम जीवंत हो उठी। अवसर था पंद्रह दिवसीय ग्रीष्मकालीन के समापन समारोह का, जिसमें कार्यशाला के दौरान कई विधाओं में प्रशिक्षित बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप्र लोक सेवा आयोग के सदस्य प्रो. राम प्यारे, केंद्र के निदेशक सुदेश शर्मा व उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

लोकगीत गायन की प्रस्तुति लोकगीत गायन में बच्चों ने 'जगदंबा घर में दियार बार अइनी हैं', 'बरसन लागी सावन बूदियां', 'पिया बिन लागे न मोरी अखियां', 'रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे', 'मोरे राम अवध घर आए' और 'चार महिनवां...