लखनऊ, मार्च 9 -- हमारे फेफड़े प्रतिदिन औसतन 10 हजार लीटर हवा को अंदर-बाहर करते हैं। ये शरीर को करीब 500 लीटर ऑक्सीजन मुहैया करते हैं। इसी से शरीर के अंग संचालित होते हैं। जबकि वायु प्रदूषण से शरीर का हर अंग प्रभावित होता है। इससे हर रोज बड़ी संख्या में लोग फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। साथ ही बच्चों की याददाश्त को यह प्रभावित करता है। ये बातें केजीएमयू के डॉ. सूर्यकांत ने सोमवार को बीबीएयू में आयोजित विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के माध्यम से सतत ग्रामीण परिवर्तन विषयक तीन दिवसीय रूरल साइंस कांग्रेस के उद्घाटन में कहीं। बायोटेक पार्क के सीईओ पद्मश्री प्रो. प्रमोद टंडन ने कहा कि देश की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब शहरों के साथ-साथ गांवों का भी समग्र विकास हो। यदि किसानों को उचित संसाधन, तकनीक तथा संरक्षण मिले, तो देश...