नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को रेलवे स्टेशनों पर बच्चों की तस्करी से जुड़े मामले को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई की और इस दौरान बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी बाल तस्करी के लिए 'मंडी' बन गई है। इस याचिका में रेलवे स्टेशनों और आस-पास के इलाकों में खुलेआम हो रही बच्चों की तस्करी को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने दिल्ली सरकार, रेलवे, दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) को नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब भी मांगा। बेंच ने कहा कि न्यायिक आदेशों के बावजूद बच्चों की तस्करी जैसा गलत काम बेरोकटोक जारी है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने मामले की सुनवाई की और नोटिस जारी करते हुए कहा कि याचिका एक गंभीर मुद्दे को प्रमुख...