नई दिल्ली, दिसम्बर 19 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि देश में बच्चों की तस्करी और पैसा कमाने के मकसद से उसका यौन शोषण वास्तविक सच्चाई है जो बेहद परेशान करने वाली है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि बच्चों की तस्करी के मामले अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि संगठित शोषण के एक गहरे पैटर्न का हिस्सा हैं जो कानूनी सुरक्षा उपायों के बावजूद देश में धड़ल्ले से जारी है। जस्टिस मनोज मिश्राा और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने तस्करी और कॉमर्शियल यौन उत्पीड़न के मामले को संवेदनशीलता से निपटने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए यह टिप्पणी की है। पीठ ने दिशा -निर्देश जारी करते हुए कहा कि अदालतों को तस्करी और वेश्यावृत्ति के नाबालिग पीड़ितों के सबूतों को संवेदनशीलता और वास्तविकता से समझना चाहिए। इसके साथ ही...
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