नई दिल्ली, मार्च 31 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के बजाए, निगरानी के लिए नियामक ढांचा या कानून बनाने की वकालत की। आयोग ने कहा कि पूर्ण प्रतिबंध अक्सर अव्यवहारिक होता है, इसलिए केंद्र सरकार को बच्चों की उम्र के हिसाब से नियामक कानून बनाने का सुझाव दिया। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हाल ही में बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच पर एक खुली चर्चा आयोजित की थी। चर्चा में संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया गया और इसके बाद तैयार मसौदे में सरकार के लिए कुल 27 सुझाव दिया है। आयोग ने सुझाव देते हुए कहा है कि बच्चों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल की अनुमति सुरक्षित, निगरानी और उम्र के हिसाब से देनी चाहिए। इसके अलावा नियामक ढांचा बच्चों के अधिकारों पर आधारित ...