नई दिल्ली, अगस्त 4 -- कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक फैमिली कोर्ट का फैसला बदलते हुए कहा कि पिता को अपने बच्चे से मिलने के लिए किसी तरह के शुल्क देने की जरूरत नहीं है। फैमिली कोर्ट ने अलग रहने वाली पत्नी को चार साल के बच्चे की कस्टडी दी थी और कहा था कि हर बार पिता को बच्चे से मिलने के लिए 5000 रुपये का शुल्क चुकाना होगा। फैमिली कोर्ट ने मिलने के लिए हर महीने का पहला और तीसरा रविवार तय किया था। इसके अलावा पत्नी को कोर्ट के विजिटेशन रूम में आकर पिता से बच्चे को मिलवाने का आदेश दिया था। दंपती के तलाक पर अभी फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे में परमानेंट कस्टडी पर भी फैसला अभी लंबित है। जस्टिस पी श्री सुधा ने पति की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि फैमिली कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पिता को बच्चे से मिलने के लिए हर बार 5000 रुपये देने होंगे। वहीं पत्नी ने ...