नई दिल्ली, अगस्त 26 -- नई दिल्ली प्र.सं.। आठ साल नौ महीने के बच्चे ने अपने मौलिक अधिकारों का हवाला देते हुए महंगे इलाज के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। एसीएएन जीन-संबंधी विकास विकार से पीड़ित नयन मिश्रा को ग्रोथ हार्मोन यानी सोमाट्रोपिन उपचार की जरूरत है। एम्स ने तीन साल के इलाज का खर्च करीब नौ लाख रुपये बताया है, जिसे बच्चे के आर्थिक रूप से कमजोर माता-पिता वहन करने में असमर्थ हैं। मंगलवार को बच्चा खुद न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ के समक्ष पेश हुआ। पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र व दिल्ली सरकार, चाचा नेहरू अस्पताल और एम्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।

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