सिमडेगा, दिसम्बर 21 -- सिमडेगार, छोटू बड़ाईक। कड़कड़ाती ठंड, अंधेरी सुबह और गोद में मासूम बच्चा। फिर भी हौसला अडिग। यह तस्वीर सिमडेगा जिले की हैं। जहां तीन दर्जन से भी अधिक माताओं का संघर्ष देशभक्ति की जीवंत तस्वीर पेश कर रही है। इन सभी माताओं की कहानी एक जैसी है। इन दिनों हर दिन जब पूरा शहर ठंड में सिमटा रहता है तब ये माताएं सुबह चार से 4:30 बजे ही अल्बर्ट एक्का स्टेडियम पहुंच जाती हैं। गोद में बच्चे को ठंड से बचाते हुए कभी सीने से लगाए, तो कभी एक ओर सुलाकर घंटों दौड़ लगाती हैं। दौड़ के साथ-साथ सीआईएसएफ के पूर्व जवान रवि शंकर साहनी के दिशा निर्देश पर लोंग जंप और हाई जंप की कठिन अभ्यास प्रक्रिया भी पूरी करती हैं। इस दौरान मां की ममता और सैनिक बनने का सपना दोनों एक साथ कदमताल करते नजर आते हैं। इन मांओं का यह जोश देश के लिए खुद को तैयार करन...
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