नई दिल्ली, मार्च 10 -- आजकल बच्चों को ट्यूशन भेजना आम बात हो चुकी है। बच्चा स्कूल जाना शुरू नहीं करता कि उसकी ट्यूशन क्लास लगा दी जाती है। लेकिन क्या बच्चों को शुरुआत से ही ट्यूशन भेजना वाकई सही है? इसको लेकर पेरेंटिंग कोच पूनम महाराज ने अपनी राय दी है। उनका मानना है कि बिना सोचे-समझे ट्यूशन पर निर्भर होना बच्चों में कुछ गलत आदतों की शुरुआत भी कर सकता है। आइए विस्तार में जानते हैं बच्चों को शुरुआत से ही ट्यूशन भेजने में क्या नुकसान हो सकता है।टालमटोल की आदत बढ़ सकती है पेरेंटिंग कोच कहती हैं कि जब बच्चे को एक ही काम के लिए जब तीन जगह से निर्देश मिलते हैं, स्कूल, घर और ट्यूशन; तो उसके दिमाग में भ्रम पैदा हो जाता है। बच्चा स्कूल में सोचता है कि पढ़ाई तो घर पर कर लेंगे, और घर पर सोचता है कि यह तो ट्यूशन में समझ आएगा। इस तरह पढ़ाई की जिम्मेदा...
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