नई दिल्ली, जुलाई 11 -- हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा कॉन्फिडेंट बने, अपनी बात खुलकर कहे और बिना डर के नई चीजें सीखने की कोशिश करे। लेकिन कई बार अनजाने में हम बच्चे को ऐसे मौके पर डांट देते हैं, जिसका असर बच्चों के मन पर ऐसा पड़ता है कि उसका कॉन्फिडेंस लूज होने लगता है। कम्युनिकेशन कोच मैत्री मेहता का कहना है कि कॉन्फिडेंट बच्चे वे नहीं होते जिन्हें कभी सुधारा ही नहीं जाता, बल्कि वे होते हैं जिन्हें इस तरह समझाया जाता है कि उनका आत्मसम्मान बना रहे। सही समय पर समझाना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी यह जानना भी है कि किस समय बच्चों को डांटना चाहिए और किस समय उन्हें डांटना अवॉइड करना चाहिए। आइए जानते हैं एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसे 9 मौके कौन से हैं, जब बच्चे को डांटने से बचना चाहिए।जब बच्चा रो रहा हो एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपका बच्चा रो...