बच्चे की पढ़ाई जारी रखने के लिए महाजनों से कर्ज लेने को मजबूर अभिभावक
मधुबनी, अप्रैल 8 -- मधुबनी,निज संवाददाता। जिले में नए शैक्षणिक सत्र के साथ ही निजी स्कूलों में किताबों की कीमतों ने अभिभावकों की कमर तोड़ दी है। प्राइमरी कक्षा तक के किताब सेट पांच हजार से अधिक, छठी से आठवीं कक्षा की किताबों का पूरा सेट करीब आठ हजार रुपये में मिल रहा है, जबकि इसके आगे की कक्षाओं के लिए पूरा सेट 15 हजार पार कर गया है। शिक्षा अब जरूरत से ज्यादा महंगी होती जा रही है, जिससे खासकर मध्यम और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कक्षा छह में हिन्दी की एनसीईआरटी किताब जहां मात्र 65 रुपये में मिलती है, वहीं उसी विषय की व्याकरण की निजी प्रकाशकों किताब की कीमत लगभग छह सौ रुपए हो गयी है। संस्कृत की एनसीईआरटी किताब 50 रुपये की है, लेकिन निजी प्रकाशकों की व्याकरण पुस्तक 439 रुपये में दी जा रही है। अं...
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