नई दिल्ली, जुलाई 17 -- बच्चा मां के गर्भ में एक नाल के जरिए जुड़ा होता है, जिसे गर्भनाल या एम्बिलिकल कॉर्ड बोलते हैं। बच्चे के पैदा होने के बाद ये नाल डॉक्टर काटकर अलग कर देते हैं। पर सावधानी के लिए कुछ हिस्से को बच्चे की नाभि से जुड़ा रखते हैं और कुछ सेंटीमीटर की दूरी से ही इसे काटा जाता है। जिससे कि काटने पर किसी भी तरह का इंफेक्शन जो नाल पर हो वो डायरेक्ट बच्चे के शरीर में ना पहुंचे। आमतौर पर जन्म के एक से तीन हफ्ते के अंदर ये नाल सूखकर पूरी तरह से निकल जाती है। लेकिन जब तक ये नाल पूरी तरह से सूखती नहीं है डॉक्टर इसकी पूरी देखभाल करने की सलाह देते हैं। गर्भ नाल वाली जगह यानि बच्चे के नाभि का हिस्सा हमेशा सूखा, साफ और इंफेक्शन से दूर रखना चाहिए। जब ये नाल सूख जाती है तो पैरेंट्स कई बार समझ ही नहीं पाते कि इसका क्या करना चाहिए। जबकि पुरा...