बच्चे की कस्टडी पर फैसला मां को सुने बिना नहीं हो सकता : हाईकोर्ट
रांची, सितम्बर 9 -- रांची, विशेष संवाददाता। चार साल की बच्ची की कस्टडी से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कहा है कि बच्चे की भलाई से जुड़े मामले का फैसला किसी एक पक्ष को सुने बिना नहीं किया जा सकता। अदालत ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मां की गैरमौजूदगी में एकतरफा सुनवाई करते हुए बच्ची को उसके पिता को सौंपने का निर्देश दिया गया था। हाईकोर्ट ने मामला फिर से फैमिली कोर्ट में भेजते हुए नोटिस के स्तर से दोबारा सुनवाई करने का निर्देश दिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद ने शगुफ्ता यास्मीन की अपील पर फैसला सुनाया। रांची के फैमिली कोर्ट ने 19 मई को बच्ची की कस्टडी उसके पिता को देने का आदेश दिया था। मां ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने पाया कि कस्टडी का मामला संवेदनशील होने के बावजूद...
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