नई दिल्ली, मई 31 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। तीस हजारी कोर्ट ने बच्ची से दुष्कर्म के दोषी राम शंकर उर्फ राम को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बबीता पूनिया की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चे किसी भी समाज की सबसे अनमोल धरोहर होते हैं। उन्हें न केवल यौन हिंसा से बचाना चाहिए, बल्कि उनके बेहतर विकास के लिए सुरक्षित वातावरण देना समाज का कर्तव्य है। मामले में फैसला सुनाते हुए अदालत ने स्पष्ट कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है। मामले के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता ने निहाल विहार थाने में इस वर्ष अप्रैल में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि पहले उनके पड़ोस में रहने वाला राम शंकर उनके घर में तब आता था जब उनकी बेटी छोटे भाई-बहनों के साथ अकेल...