बच्ची से दुष्कर्म और हत्या में दोषी को फांसी की सजा
नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- महाराष्ट्र के नासिक की एक अदालत ने कहा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म उसकी गरिमा को 'अंधेरे में दफन करने' जैसा एक जघन्य कृत्य है। अदालत ने यह भी कहा कि चार साल की बच्ची के हत्यारे के प्रति नरमी बरतना न्याय व्यवस्था में जनता के भरोसे को कम करेगा। एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट ने हाल ही में विजय संजय खैरनार को चार साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या करने के जुर्म में मौत की सजा सुनाई। अदालत ने इस भयानक अपराध को 'दुर्लभतम से भी दुर्लभ' (रेयरेस्ट ऑफ द रेयर) करार दिया। अतिरिक्त सेशन जज के.जी. पालदेवार ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि जिस बेरहमी से पीड़िता के शव को फेंका गया, उसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। अदालत ने कहा कि ऐसे शैतानी अपराध में किसी भी तरह की सहानुभूति दिखाना गलत होगा। अदालत ने कहा कि दोषी की घोर क्रूर...
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