बचाओ-बचाओ चिल्लाते रहे...आंखों के सामने डूबते चले गए
फतेहपुर, मई 17 -- बहुआ। रिंद नदी हादसे में बचे प्रत्यक्षदर्शी युवकों के लिये रविवार का दिन जिंदगीभर का दर्द बन गया। हादसे में बच गए दोस्तों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में पूरा माहौल बदल गया और उनके साथी आंखों के सामने नदी में समा गए। घटना को याद करते हुए युवकों की आंखें भर आईं। उनका कहना था कि किसी को अंदाजा नहीं था कि नदी के भीतर इतना गहरा कुंड है। हादसे में बाल-बाल बचे शहबाज, अरमान, निजाम और मोनू ने अपने आंखों के सामने अपने चार दोस्तों को डूबते हुए देखा। उनकी आंखों में अब भी दहशत बनी हुई है। कंपकंपाते होंठों से लखड़खड़ाती जुबान में बस यही कह रहे थे कि सब कुछ चंद मिनटों में हमारी आंखों के सामने ही खत्म हो गया। बताया कि सभी नहा रहे थे। अचानक अंश गहराई की तरफ चला गया। कुछ ही सेकेंड बाद वह हाथ-पैर मारने लगा। उसे डूबता देख शाहिद सबसे पहले उसक...
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