भागलपुर, मई 3 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि हिमालय राज के घर जन्म लेने के बाद से ही पार्वती बचपन से भगवान शिव की भक्ति में लीन रहती थीं। नारद मुनि के सुझाव पर उन्होंने शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या आरंभ की। उक्त बातें कहलगांव के देवीपुर शिव मंदिर परिसर में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान कथा वाचिका पूर्ति किशोरी ने देवी पार्वती के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा। कथा के दौरान बताया गया कि पार्वती ने हजारों वर्षों तक अन्न-जल त्याग कर घोर साधना की, जिससे तीनों लोकों में हलचल मच गई। उनकी परीक्षा लेने के लिए भगवान शिव एक वृद्ध ब्राह्मण का वेश धारण कर आए और स्वयं की निंदा कर पार्वती की श्रद्धा को परखने का प्रयास किया। लेकिन पार्वती अपने संकल्प पर अडिग रहीं। उनकी अटूट भक्ति और दृढ़ निश्चय से प्रसन्न होकर भगवान शिव अपने वा...
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