बचपन की खामोश टीबी को समय रहते पहचानना जरूरी
किशनगंज, जुलाई 7 -- किशनगंज। निज संवाददाता बचपन जीवन की सबसे अनमोल अवस्था होती है, जहां हर दिन सीखने, खेलने और सपनों को आकार देने का अवसर होता है। लेकिन जब कोई बच्चा लगातार कमजोर होने लगे, उसका वजन कम होने लगे, भूख घट जाए, कई सप्ताह तक बुखार बना रहे या लगातार खांसी आए, तो इसे केवल मौसमी बीमारी समझकर टाल देना भारी पड़ सकता है। बच्चों में तपेदिक (टीबी) अक्सर ऐसे ही सामान्य दिखने वाले लक्षणों के पीछे छिपी रहती है, जिससे इसकी पहचान देर से होती है और कई बार बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। विश्व के प्रतिष्ठित चिकित्सा शोधों, जिनमें द लेंसेट में प्रकाशित अध्ययन भी शामिल हैं, ने इस बात पर जोर दिया है कि बच्चों में टीबी की शीघ्र पहचान, सक्रिय खोज और समय पर उपचार न केवल एक बच्चे का जीवन बचाता है, बल्कि परिवार और समुदाय में संक्रमण की श्रृंखला को भी कमज...
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