मुजफ्फर नगर, जून 25 -- मुजफ्फरनगर। बघरा में 8वीं मोहर्रम का कदीमी जुलूस मरहूम हाजी यूसुफ अली के निवास से बरामद हुआ। जुलूस में हजरत अब्बास से मंसूब कदीमी अलम-ए-मुबारक शामिल रहा, जो पारंपरिक रास्तों से होता हुआ इमामबारगाह आरिफ शाहियान पर संपन्न हुआ। इस दौरान मशहूर नोहाख्वां वसीम आरफी और अब्बास अली आरफी ने पुरदर्द नोहाख्वानी की। इमामबाड़े में मजलिस को खिताब करते हुए लखनऊ के मौलाना शरर नकवी ने हजरत अब्बास की वफादारी और कर्बला के शहीदों के मसायब बयान किए। उन्होंने कहा कि इंसाफ और सच्चाई को जिंदा रखने के लिए हथियारों की नहीं, बल्कि हौसले और कुर्बानियों की जरूरत होती है, जैसा इमाम हुसैन ने कर्बला में कर दिखाया। यह भी पढ़ें- मजलिसों का दौर जारी, कदीमी जुलूस बरामद हुआ आज उन्हीं की बदौलत इस्लाम जिंदा है। इस मौके पर जीशान अली, सरताज अली, आस मोहम्मद औ...