लखनऊ, अगस्त 12 -- आयुष विभाग में बगैर नीट ही फर्जी दस्तावेजों की मदद से बोर्ड में पंजीकरण कराकर डॉक्टर बनने वालों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी गई है। बोर्ड की तरफ से ऐसे सभी मामलों में एक साथ 23 जिलों में मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इसके लिए क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। पत्र में अधिकारियों को जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज कराकर बोर्ड को उसकी कॉपी भेजने को कहा गया है। आयुर्वेदिक और यूनानी तिब्बती चिकित्सा पद्धति बोर्ड में बिना नीट परीक्षा पास किए फर्जी दस्तावेज के आधार पर रजिस्ट्रेशन का खुलासा होने के बाद अब कार्रवाई की रफ्तार तेज हो गई है। बोर्ड के दस्तावेजों के मुताबिक यह फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी 23 जिलों से जुड़े हैं। इन सभी जिलों को पत्र भेजकर अगले तीन दिन में एफआईआर दर्ज कराकर उसकी कॉपी बोर्ड को भेजने क...