विधि संवाददाता, जून 27 -- पटना हाईकोर्ट ने सालों से कट रही लगान रसीद को रोक देने और जमाबंदी रद्द करने की कार्रवाई को गैरकानूनी करार दिया है। उच्च न्यायालय ने बिहार सरकार को तत्काल प्रभाव से आवेदक के पक्ष में पुनः लगान रसीद जारी करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि बगैर सक्षम न्यायालय के आदेश के लगान रसीद पर रोक लगाना और जमाबंदी रद्द करना गैर कानूनी है। अगर सरकार को किसी जमाबंदी पर आपत्ति है तो उसे कोर्ट में केस दायर कर चुनौती दे सकती है। पटना हाईकोर्ट के जस्टिस सौरेंद्र पांडेय की एकलपीठ ने जमुई निवासी कृष्ण कुमार गोयनका की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि जब आवेदक के पक्ष में लगभग 60 वर्षों से लगान रसीद काटा जा रहा था तो फिर कैसे बगैर सक्षम न्यायालय के आदेश के उसे बंद कर जमाबंदी क...