कानपुर, मई 25 -- कानपुर। कौमी मशावरत कमेटी के संयोजक हाजी अबुल बरकात नजमी ने कहा कि ईद उल अजहा पर मस्जिदों में नमाज का वक्त ईदगाहों के वक्त के बाद रखा जाए ताकि लोग ईदगाहों में नमाज अदा कर सकें। ईदगाहों में नमाज पढ़ना सुन्नत (जैसा मोहम्मद साहब करते थे) है। उन्होंने कहा कि इन त्योहारों के सहारे सद्भावना का बढ़ाया जाए। उधर, शहर काजी मुफ्ती यूनुस रजा ने बैठक कर कहा कि बकरीद में गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाए। सफाई पर सबसे ज्यादा ध्यान रहे। इस बात का ख्याल रखें कि हमवतन भाइयों को किसी तरह की परेशानी न हो। सोशल मीडिया से दूर रहें। यह भी पढ़ें- बकरीद के कुर्बानी का अन्य भाग इधर-उधर ना फेकें यह भी पढ़ें- दिखावे नहीं, इंसानियत और कुर्बानी की भावना से मनाएं बकरीद : सूफी महताब आलम यह भी पढ़ें- दिखावे नहीं, इंसानियत और कुर्बानी की भावना से मनाएं ...