हापुड़, मई 26 -- गंगा की स्वच्छता को लेकर बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही सामने आई है। समाजसेवी की शिकायत पर करोड़ों रुपये की लागत से बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी की जांच कराई गई तो प्लांट बंद मिला। इसके चलते शहर का बिना शोधित गंदा पानी सीधे मां गंगा में गिरता पाया गया। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ा दी है। एक समाजसेवी ने एसडीएम से शिकायत कर बताया था कि शहर का गंदा पानी बिना शोधन के सीधे गंगा में छोड़ा जा रहा है, जबकि इसके लिए एसटीपी बनाया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम श्री राम सिंह यादव ने तत्काल संज्ञान लिया और नायब तहसीलदार विनोद कुमार सोनी को मौके पर जांच के लिए भेजा।नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद मिला। जांच में सामने आया कि प्लांट स...