प्रयागराज, सितम्बर 7 -- Allahabad Highcourt: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बदायूं स्थित यदु शुगर लिमिटेड की याचिका मंजूर करते हुए गन्ना आयुक्त को आदेश दिया है कि पेराई सत्र 2026-27 में मिल की स्थापित क्षमता के अनुरूप गन्ने का आवंटन किया जाए। कोर्ट ने कहा कि आवंटन में परिवहन के दौरान होने वाली करीब 40 प्रतिशत गन्ने की क्षति को भी ध्यान में रखा जाए और मिल को पूरे 180 दिनों तक निर्बाध गन्ना आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया। कोर्ट ने कहा लोक कल्याणकारी सरकार का दायित्व है कि वह ऐसी नीतियां बनाएं कि शुगर मिलें चलती रहे और नई मिले भी स्थापित की जा सके। मिल की स्थापित पेराई क्षमता 7,000 टन प्रतिदिन है और गन्ने की अनुमानित आवश्यकता 100.80 लाख क्विंटल निर्धारित थी। इसके बावजूद वर्ष 2...