नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- चुनाव आयोग (ECI) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आयोग के तीन में से दो चुनाव आयुक्तों- सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 फैसलों पर कड़ा ऐतराज जताया था। उनका सीधा आरोप था कि ये फैसले उनकी जानकारी या सहमति के बिना लिए गए। विवाद मुख्य रूप से वोटर लिस्ट डेटाबेस के मैनेजमेंट और वोटरों के नाम जोड़ने, हटाने या दोबारा शामिल करने से जुड़े नियमों को लेकर था। इस खबर के सामने आते ही देश की राजनीति में उबाल आ गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और 'स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन' (SIR) को रद्द करने की मांग को लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। हालात इतने बिगड़ गए कि दिल्ली में धारा 144 लगानी पड़ी, मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े और इंटरनेट तक ठप करना ...