जमशेदपुर, अगस्त 14 -- नक्सलियों की बंदूक और बारूद की दुनिया में रिश्तों की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने माओवादी दस्ते के भीतर के समीकरण को ही बदल दिया। वर्षों तक संगठन के लिए काम करने वाली नक्सली अनीता कयाम उर्फ नुनी को जब बीरेन उर्फ सागर सिंह से प्यार हुआ तो संगठन के प्रति उसकी निष्ठा कमजोर पड़ती चली गई। आखिरकार अनीता ने माओवादी दस्ता छोड़ दिया और बीरेन के लिए चांडिल पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस की पूछताछ में सामने आई इस कहानी को नक्सलियों के कमजोर पड़ते नेटवर्क और दस्ते के भीतर के अंतर्विरोध से जोड़कर देखा जा रहा है।अयोध्या दस्ते में हुआ था बीरेन-मीरा का प्यार पुलिस के गिरफ्तार नक्सलियों के स्वीकारोक्ति बयान के अनुसार, बीरेन उर्फ सागर सिंह उर्फ रवि सिंह सरदार उर्फ छोटा विजय नीमडीह के टेंगाडीह टोला बेंगाडीह का रहने वाला है...