लखनऊ, जून 3 -- - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर उठाया गया कदमलखनऊ, विशेष संवाददाताजेल में किसी बंदी की मारपीट अथवा इलाज के अभाव में होने वाली मृत्यु और खुदकुशी के मामलों में अब आश्रितों को जल्द मुआवजा राशि मिल सकेगी। बंदी की अप्राकृतिक मृत्यु होने की दशा में उसके आश्रितों को पांच लाख रुपये मुआवजा प्रदान किया जाएगा। कैबिनेट ने बुधवार को उप्र बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के निर्देश पर यह उठाया गया है।बंदियों की अप्राकृतिक मौत के मामलों में एनएचआरसी की संस्तुति के अनुरूप आश्रितों को निर्धारित मुआवजा राशि के भुगतान में समय लगता था। यह भी पढ़ें- कैबिनेट निर्णय- आगरा, बरेली व प्रयागराज के समग्र/समुचित विकास के लिए पहली किश्त अवमुक्त करने को मंजूरी राज्य स...