बंदरों के लिए मालपुआ का भंडारा; एक हजार बंदर उछलते-कूदते पहुंचे, 28 साल पुरानी अनूठी परंपरा
संवाददाता, मई 24 -- अयोध्या - बाराबंकी की सीमा पर स्थित सुमेरगंज कस्बे में शनिवार की सुबह भाव और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भक्तों ने भाव से बुलाया तो दोनों जिले के बार्डर के जंगलों से निकलकर उछलते- कूदते बंदरों का दल कुनबे के साथ तड़के पहुंचकर भंडारे में शामिल हो गए। कुनबे के साथ बंदरों को चाव से मालपुआ खाते देख लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं था। अवसर था बालाजी पूजा समिति के तत्वावधान में 28 साल पुरानी बंदरों के लिए विशेष मालपुआ भंडारे का आयोजन किया गया। सुमेरगंज कस्बे की शनिवार की भोर इस बार केवल एक धार्मिक आयोजन की साक्षी नहीं बनी, बल्कि उसने इंसान और जीवों के बीच करुणा, दया और भक्ति का ऐसा दृश्य देखा, जिसने हर किसी का हृदय भावविभोर कर दिया। बालाजी पूजा समिति द्वारा पिछले 28 वर्षों से निभाई जा रही अनूठी परंपरा के तहत बंदरों के लि...
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