चंदौली, दिसम्बर 5 -- चकिया, हिन्दुस्तान संवाद।पहाड़ी क्षेत्र से सटे दर्जनों गांव में आतंक का पर्याय बने कटहवा बंदरों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। धमाचौकड़ी मचाने के साथ ही बंदर घरेलू आवश्यक सामग्री और खेतों में लगी सब्जी की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। बंदरों के लगातार हो रहे हमले से जहां एक तरफ सैकड़ों लोग जख्मी हो चुके हैं वहीं उन्हें पकड़ने के नाम पर वन विभाग कोरम पूर्ति कर रहा है। पूर्व में वाराणसी महानगर से चंद्रप्रभा के जंगलों में छोड़े गए कटहवा बंदर भोजन की तलाश में पहाड़ी क्षेत्र से सटे नीचे के गांवों में पलायन कर गए। देखते ही देखते उनकी तादाद इतनी बढ़ गई थी वह आतंक का पर्याय बन गए। वर्तमान में आलम यह है कि भमौरा, रामपुर, रघुनाथपुर, प्रेमापुर, मुजफ्फरपुर, नेवाजगंज, डोड़ापुर, दुबेपुर सहित दर्जनों गांव में बंदरों ने कई लोगों पर ह...
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