चक्रधरपुर, अप्रैल 28 -- बंदगांव। भारत की महत्वाकांक्षी 16वीं जनगणना 2027 को त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए सोमवार को कराईकेला पंचायत भवन में जनगणना के प्रथम चरण 'मकान सूचीकरण और गणना' के लिए तीन दिवसीय तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत हुई। यह भारत के इतिहास की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी। अब प्रगणक घर-घर जाकर कागजी प्रपत्रों पर नहीं, बल्कि भारत सरकार द्वारा तैयार विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह करेंगे। डिजिटल प्रक्रिया से आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और गणना का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हो सकेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम सदानंद होता की देखरेख में शुरू हुआ। इस दौरान ट्रेनर्स मनोहर ओड़िया एवं प्रदीप महतो ने प्रगणकों और सुपरवाइजरों को मोबाइल ऐप संचालन, डिजिटल फॉर्म भरने और मकान सूचीकरण की तकनीकी बारीकियों की जान...
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