बांदा, फरवरी 10 -- बांदा। संवाददाता सदर तहसील में मामूली सी बात को काश्तकार को इस तरह उलझाया जाता है कि वह महीनों चक्कर काटकर धन बर्बाद करता है। ग्राम अरबई के काश्तकार सारांश, मयंक आदि ने बंटवारा दायर किया। जिसे तत्कालीन एसडीएम ने यह कहकर खारिज कर दिया कि पक्षकार पर्याप्त नहीं है। जबकि खतौनी के आधार पर सभी को नोटिस भेजी गयी। जब किसान ने जनसूचना के तहत माह नवंबर में खेत में काबिज काश्तकारों के नाम मांगे तो सात फरवरी को तहसीलदार स्तर से दी गई जनसूचना में कहा गया कि जनसूचना देय नहीं है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.