नई दिल्ली, फरवरी 26 -- नॉनवेज पसंद करने वाले लोगों के लिए बटर चिकन महज एक डिश नहीं, बल्कि स्वाद का वो अहसास है, जिसका नाम सुनते ही उनके मुंह में पानी भर जाता है। लच्छे पराठों के साथ मखमली मक्खन ग्रेवी और जूसी चिकन के टुकड़ों की खुशबू किसी का भी दिल जीत लेती है। हालांकि बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि दुनियाभर में पसंद की जाने वाली यह टेस्टी डिश किसी फाइव स्टार होटल या रेस्त्रां में तसल्ली से तैयार नहीं की गई है बल्कि इस लजीज डिश का इतिहास 1947 के बंटवारे के दर्द और संघर्ष से जुड़ा हुआ है। यह भी पढ़ें- इफ्तार हो या होली पार्टी, नॉनवेज के शौकीनों को बेहद पसंद आएगी चिकन टिक्कीपेशावर की गलियों से दिल्ली के दरियागंज तक का सफर भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से पहले बटर चिकन को भारत के पेशावर (अब पाकिस्तान में) बनाया गया था। यहां एक ढाबे में तीन द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.