गुमला, मई 3 -- सिसई, सीताराम। कभी बेकार पड़ी रहने वाली जमीन अब सिसई प्रखंड के किसानों के लिए आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। मनरेगा योजना के तहत विकसित आम बागवानी ने किसानों में आर्थिक स्वावलंबन की नई उम्मीद जगाई है। समेकित कृषि प्रणाली को अपनाते हुए किसान अब आम के पौधों के साथ-साथ सब्जी और मसाले की खेती कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। यह भी पढ़ें- पांच गांवों में हो रही अनुकूल खेतीमनरेगा योजना का योगदान प्रखंड में मनरेगा योजना के तहत लगभग 870 एकड़ भूमि पर आम की बागवानी की गई है। इस पहल से न केवल किसानों की खाली पड़ी जमीन उपयोग में आ रही है,बल्कि उन्हें गांव में ही रोजगार और आय का स्थायी साधन भी मिल रहा है। आम के पौधों के बीच खाली स्थानों पर आलू, मटर, प्याज, लहसुन, सरसों, अदरक, हल्दी और धनिया जैसी फसलों की खेती की जा रही है।बागवानी की सिंचाई के...