नई दिल्ली, जून 28 -- भाजपा सरकार सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश कर सकती है। तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को समाप्त करने के दो महीने से भी कम समय में भाजपा सरकार यह विधेयक लाने जा रही है। इससे चुनाव के बाद की पहली बड़ी वैचारिक बहस के शुरू होने की संभावना है। इस प्रस्तावित कानून का मकसद शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे मामलों के लिए धर्म से परे एक समान नागरिक प्रारूप बनाना है। उम्मीद की जा रही है कि यह विधेयक मौजूदा बजट सत्र में चर्चा का मुख्य विषय रहेगा और पहचान, समानता, धर्मनिरपेक्षता, संवैधानिक अधिकारों और पर्सनल लॉ और राज्य के अधिकार के बीच संबंधों पर व्यापक बहस का आधार बनेगा। भाजपा के लिए यह विधेयक उसके मुख्य चुनावी वादे को पूरा करने और इस लंबे समय से चली आ रही बात को दोहराने जैसा है ...