कोलकाता, अप्रैल 7 -- पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के दौरान संदिग्ध श्रेणी में रखे गए 60 लाख लोगों में से लगभग 27 लाख लोग शायद इस बार मतदान नहीं कर पाएंगे। दावों की जांच कर रहे न्यायिक अधिकारियों ने इनके आवेदनों को खारिज कर दिया है। 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव के लिए मतदाता सूची सोमवार आधी रात को अंतिम रूप से तय (Freeze) की जानी थी।सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार और टीएमसी (TMC) समर्थकों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें उन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की मांग की गई थी, जिनकी अपील 19 विशेष अपीलीय न्यायाधिकरणों में लंबित है। इन न्यायाधिकरणों का नेतृत्व हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश कर रहे हैं। मुख...