नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Elections 2026) के लिए वोटिंग से पहले चुनाव आयोग के एक ताजा आंकड़े ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। गुरुवार को जारी चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, एसआईआर के बाद हुई न्यायिक समीक्षा के बाद मतदाता सूची से करीब 27 लाख नाम हटा दिए गए हैं। इस बड़े बदलाव के बाद अब बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या 6.7 करोड़ रह गई है। इस छंटनी का सबसे गहरा असर मुस्लिम बहुल जिलों और मतुआ समुदायों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जबकि आदिवासी बहुल बेल्ट में मतदाताओं की संख्या में नाममात्र की कमी आई है।मुर्शिदाबाद और मालदा सबसे बड़ा हॉटस्पॉट टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज और लालगोला विधानसभा सीट पर सबसे अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं...