नई दिल्ली, फरवरी 26 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए वाम मोर्चा- इंडियन सेक्यूलर फ्रंट (आईएसएफ) गठबंधन लगभग तय होने के बावजूद बुधवार को जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर की ओर से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट (माकपा) के सामने एक नई पेशकश रखने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कबीर ने पार्टी से वाम मोर्चा से बाहर निकलने और इसके बजाय उनके तथा आईएसएफ के साथ सीधा समझौता करने का आग्रह किया है। कबीर ने दावा किया कि उन्होंने माकपा के प्रदेश सचिव मोहम्मद सलीम को पहले ही एक संदेश भेज दिया है, जिसमें उन्होंने माकपा और आईएसएफ के साथ गठबंधन में 2026 का चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है। कबीर ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह एक सामूहिक इकाई के रूप में वाम मोर्चा को शामिल करने वाली किसी भी व्यवस्था के लिए सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं...