नई दिल्ली, अप्रैल 12 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों का फैसला करीब 65-70 ऐसी विधानसभा सीटों से होगा, जहां जीत और हार के बीच सिर्फ कुछ बूथों का फासला है और जहां स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ने चुनावी लड़ाई को अचानक बदल दिया है। इनमें नंदीग्राम से भवानीपुर तक की सीटें, नॉर्थ 24 परगना का मतुआ बेल्ट, मुर्शिदाबाद और मालदा के अल्पसंख्यक-बहुल इलाके खास तौर पर अहम हैं। यहां 2024 के लोकसभा चुनाव में अक्सर 8,000 से 15,000 वोटों के अंतर से फैसला होता था। 2021 में इन इलाकों में कई विधायकों ने 1,000 से 8,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी और अब हजारों नाम वोटर लिस्ट से गायब हो चुके हैं। यह भी पढ़ें- शरणार्थियों को लेकर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, घुसपैठियों को दी खुली चेतावनी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का दावा है कि टीएमसी 2021 की 215 सीटों स...