नई दिल्ली, जून 26 -- पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने हाल ही में अपना पहला बजट पेश किया। वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता द्वारा बजट में मिड-डे मील योजना में बड़े बदलाव का ऐलान किया गया है, जिस पर अब भारी सियासी बवाल मच गया है। सरकार ने एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में मिड-डे मील का जिम्मा धार्मिक संस्था 'इस्कॉन' (ISKCON) को सौंपने का प्रस्ताव रखा है। इसके लागू होने के बाद मेन्यू से अंडा बाहर हो जाएगा और बच्चों को पूरी तरह से शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा। इस फैसले के बाद विपक्ष ने सरकार पर स्कूली छात्रों पर शाकाहार थोपने का आरोप लगाया है।मिड-डे मील में क्या हुए हैं बदलाव? नई मिड-डे मील नीति के तहत प्राइमरी स्कूलों में प्रति छात्र भोजन की लागत (मटेरियल कॉस्ट) को 6.78 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। इस...