रौशन किशोर, अप्रैल 22 -- पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। पहले चरण की वोटिंग गुरुवार यानी 23 अप्रैल को है और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को। यानी अगले सप्ताह मतदान की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और 4 मई को चुनावी नतीजे घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव केवल राजनीतिक सत्ता का संघर्ष नहीं है, बल्कि बंगाल की आधी सदी पुरानी राजनीतिक परंपराओं और बदलती चुनावी रणनीतियों का एक ऐतिहासिक दस्तावेज भी है। ऐतिहासिक संदर्भ और वामपंथ का पतन बंगाल की राजनीति की एक अनूठी विशेषता यह है कि पिछले करीब आधी सदी में यानी 1977 के बाद से यहाँ केवल एक बार ही सत्ता परिवर्तन हुआ है। यह परिवर्तन 2011 में हुआ था, जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने वाम मोर्चे के 34 साल पुराने शासन को उखाड़ फेंका था। वर्तमान में...
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