नई दिल्ली, सितम्बर 6 -- पश्चिम बंगाल की सियासत और शिक्षा व्यवस्था में एक नया और ऐतिहासिक पन्ना जुड़ने जा रहा है। राज्य सरकार ने स्कूलों के सिलेबस में एक ऐसा बदलाव करने का मन बनाया है जो आने वाली पीढ़ी को उनके राज्य की जड़ों से और गहराई से जोड़ेगा। अब पश्चिम बंगाल के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के बच्चे सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं बल्कि उन महान शख्सियतों के बारे में भी पढ़ेंगे जिन्होंने बंगाल को एक नई दिशा दी। इस अहम फैसले के तहत भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारत सेवाश्रम संघ की नींव रखने वाले स्वामी प्रणवानंद के जीवन, उनकी उपलब्धियों और उनके महान योगदान को स्कूली पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा बनाया जा रहा है। यह कदम सिर्फ एक आम सिलेबस बदलाव नहीं है बल्कि बंगाल के उस दौर की यादों को ताजा करने की एक संजीदा कोशिश है, जब द...